Upagupta (Hindi)
सावन की पुलकित यामिनीतुषार मलिन हुयी ज्योत्सनाजलयुक्त पवन के मध्य कहिँमेघ दिखा रहे रोद्र अपना मथुरा की प्राचीर पासधूल धरे धरा मे सुप्तबुद्ध का वो प्रिय शिष्यआदर्श प्रतिमा – उपगुप्त प्रविश्य बन्द, बुझ चुके दीपगहरी निद्रा मे लीन निवेशपायल पैरो के गीत सुनातेधारण किये वो अग्निवेश हारोँ के मोती दँभ भरेसाँसो मे जैसे तुफानआभुषणो मे […]

