Poem

माँ

A hindi poem for mother सो सका सुख से, जिसमे मेरा मन,तेरी गोद जैसे, फूलो का आसन ! दुःख समेट लेता, तेरा ये आंचल आशीषों का भण्डार, और मेरा संबल ! आशीषों के इस झरने मे, डूब डूब ही जाऊ ध्रुव की अचल शिला सी, पदवी कोई पाउँ ! अनजाने मे कभी, ऐसा ना हो […]

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Some funny poems Sher-O-Shayari

खंजर के लिए अपना सीना था,पर वो तो दिल में जख्म लेते हैं । खंजर के लिए अपना सीना था,पर वो तो दिल में जख्म लेते हैं । आयोडेक्स की उन्हे है जरूरत,हम तो दर्द को दर्द देते है ।। —- तुम चीज पनीर, मैं खोया मक्खन ।तुम बिल्कुल डब्बा और मैं पूरा ढक्कन ।

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Upagupta (Hindi)

सावन की पुलकित यामिनीतुषार मलिन हुयी ज्योत्सनाजलयुक्त पवन के मध्य कहिँमेघ दिखा रहे रोद्र अपना मथुरा की प्राचीर पासधूल धरे धरा मे सुप्तबुद्ध का वो प्रिय शिष्यआदर्श प्रतिमा – उपगुप्त प्रविश्य बन्द, बुझ चुके दीपगहरी निद्रा मे लीन निवेशपायल पैरो के गीत सुनातेधारण किये वो अग्निवेश हारोँ के मोती दँभ भरेसाँसो मे जैसे तुफानआभुषणो मे

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