hindi poems

टूटे रिश्ते

चलो चलते हैं रिश्तो को जोड़ने, जो किस्तों में बंट गए हैं । हम ही मिल जाते हैं उस पारी में, जो धीरे से अलग छंट गए हैं ।सुखी पत्ती डाल से अलग हुई, यह तो काल का दस्तूर है ।सहेज लो उन्हें पन्नों में, वो दिन तुम्हारे लिए कहां दूर है । Rough translation […]

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माँ

A hindi poem for mother सो सका सुख से, जिसमे मेरा मन,तेरी गोद जैसे, फूलो का आसन ! दुःख समेट लेता, तेरा ये आंचल आशीषों का भण्डार, और मेरा संबल ! आशीषों के इस झरने मे, डूब डूब ही जाऊ ध्रुव की अचल शिला सी, पदवी कोई पाउँ ! अनजाने मे कभी, ऐसा ना हो

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